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आपका एक छोटा सा कदम, किसी की ज़िंदगी का उजाला बन सकता है।

दुनिया में ऐसे बहुत से लोग हैं जो हर रात इस उम्मीद में सोते हैं कि कल का दिन थोड़ा आसान होगा। कभी-कभी नसीब साथ नहीं देता, लेकिन इंसानियत साथ दे सकती है। आपका दिया हुआ एक छोटा सा दान सिर्फ पैसा नहीं, बच्चे किसी के लिए रोटी, किसी बच्चे की शिक्षा, और किसी टूटे हुए परिवार की उम्मीद है। याद रखिए, हम साथ मिलकर ही उनके आंसुओं को मुस्कुराहट में बदल सकते हैं। आज ही मदद का हाथ बढ़ाएं, क्योंकि देने वाला हमेशा लेने वाले से बड़ा होता है।

अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस 5 जून 2022 ,पेड़ लगाओ जीवन बचाओ Shelter zone संस्था द्वारा4 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम



मुख्य अतिथि क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ विजय प्रकाश के कर कमलों द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का उद्घाटन पेड़ लगाकर किया गया


गुरु गोविंद सिंह चौक पर मुख्य अतिथि  डॉ विजय प्रकाश ने वृक्षारोपण किया इसमें मुख्य रूप से अखिलेश पैलवी भी पूर्व जिला पंचायत सदस्य ,मुबारक भाई हर्षित मित्तल, मोहिनी, सरोज दीक्षित, काजल  रानी,धीरेंद्र पाल आभा सिन्हा एवं संस्था के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
 



समस्त कार्यक्रम उपाध्यक्ष सौरभ कनौजिया एवं प्रबंधक मधु श्रीवास्तव की देखरेख में संपन्न हुआ संजय श्रीवास्तव एवं धीरेंद्र पाल जी द्वारा मुख्य अतिथि का आभार प्रकट किया गया


जैसा कि हम सभी जानते है की बीते हुए समय में वैश्विक महामारी ने हम सभी को बड़ी मुश्किलों में डाल दिया था। उस समय को भूलना इतना आसान नहीं होगा, कोरोना में सबसे ज्यादा मौतें ऑक्सीजन की कमी से हुई थी एक तरफ पेड़ पौधे को काट करके जंगल के क्षेत्र को भी कम किया जा रहा है जिससे जंगली जानवर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आगमन करने पर मजबूर हो गए है। जब पेड़ पौधे ही नही रहेंगे तो बारिश कहां से होगी। बारिश समय से नही हुई तो हम सभी मनुष्यों का क्या होगा, अनाज कहां से आएगा पशु पक्षियों एवम् जीव जंतुओं का क्या होगा।


अगर जीना है कल, तो हम सभी को बचाना होगा जल।

    दिनाँक 5 जून 2022 को विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में साप्ताहिक जागरूकता कार्यक्रम "मिशन डस्टबिन" चलाया जा रहा है इसमें हमें अपने आस-पास होने वाली गंदगी को दूर करना होगा, जब किसी भी प्रकार की प्रदूषण नहीं होगा तो हम सभी सुरक्षित रहेंगे, जिसकी शुरुआत हम सभी नागरिकों को अपने घर से ही करनी होगी, हम सभी नागरिकों को अपने घर में या दुकानों में होटलों या ढाबों में या रेस्ट्रॉन या क्लीनिकों में दो-दो प्रकार के डस्टबिन का प्रयोग करके पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में सहयोग करना होगा।



1- हरा डस्टबिन      2- नीला डस्टबिन

हरे डस्टबिन में गीला कचरा, जिसमें रसोई का कचरा, फल के छिलके, सड़े फल, सब्जी, बचा भोजन, अंडे के छिलके आदि को डालना है और नीला डस्टबिन में प्लास्टिक, बोतलें, कागज कप, प्लेट, पैकेट अखबार, डिब्बे, बॉक्स, पुराने कपड़े आदि को डालना है। इसके अलावा बेकार कचरों की श्रेणी में आने वाले डायपर, सेनिटरी नैपकिन, पटि्टयां, टिशू पेपर, रेजर, प्रयोग में लाई हुई सीरिंज, ब्लेड, स्लाइन की बोतलें आदि को कागज में लपेटकर सूखे कचरा वाले डस्टबिन में डालना है।


अपील - कृपया आप सभी से सादर अनुरोध है की अपना थोड़ा सा समय निकाल कर पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में सहयोग प्रदान करें, अगर आप प्रतिदिन नही तो सप्ताह में एक दिन एक नया पौधा अवश्य लगाएं तथा उसका संरक्षण करें।


    इस महान कार्य को आगे बढ़ाने के लिए आप हमसे जुड़ सकते हैं।